कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने सियासी अटकलों को जन्म दे दिया, जब उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लालकृष्ण आडवाणी की 1996 की एक तस्वीर शेयर कर दी. इस तस्वीर में उन्होंने लिखा कि – आरएसएस का जमीनी स्वयंसेवक और जनसंघ-भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता नेताओं के चरण में बैठकर प्रदेश के मुख्यमंत्री और देश का प्रधानमंत्री बना. ये संगठन की शक्ति है. यह बहुत असरदार है, जिस तरह से राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और जनसंघ के कार्यकर्ता मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री बनते हैं, वह संगठन की ताकत को दिखाता है. अपने इस कमेंट में उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को टैग किया था.
दिग्विजय सिंह की ये पोस्ट कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक से ठीक पहले सामने आई. इसलिए अटकलें तो लगती ही थीं. बाद में दिग्विजय सिंह ने अपनी सफाई भी पेश की. उन्होंने कहा कि – एक बात समझ लें कि मैं कांग्रेस पार्टी में रहा हूं और जब भी मैं विधानसभा या संसद में था. मैंने सांप्रदायिक ताकतों से लड़ाई लड़ी है. मैं उनकी (भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ) की विचारधारा का विरोध करता हूं. लेकिन हर संगठन को मजबूत होने की जरूरत है. (तस्वीर – दिग्विजय सिंह फेसबुक पेज से साभार)